पुलिस ने उदयवीर की मौत के मामले में जहां क्लोजर रिपोर्ट बनाकर अदालत में दायर कर दी थी। वहीं, उदयवीर समेत तीनों दोस्तों के खिलाफ दर्ज मामले में उन्हें आरोपी बनाकर चार्जशीट अदालत में दायर की थी, लेकिन सीबीआई की जांच में पुलिस और सीआईडी की थ्योरी पूरी तरह से उल्टी पड़ गई।
सीबीआई ने उदयवीर की मौत के मामले में पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 पार्ट (2) के तहत आरोपी बनाया है। दूसरे मामले में क्लोजर रिपोर्ट बनाकर कोर्ट में दायर की है।
मामला वर्ष 9 जनवरी 2013 का है, जब तारादेवी-टुटू बाईपास जंकयार्ड में अपनी गाड़ी को देखने के लिए उदयवीर सिंह अपने दोस्त, हर्ष शर्मा और नितिन के साथ पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी गाड़ी को पुलिस ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के तंबू के सामने खड़ा किया। इससे पुलिस कर्मचारी सतर्क हो गया और बाहर निकला।
इस दौरान दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इसी दौरान पुलिस कांस्टेबल की बंदूक से गोली चल गई और यह उदयवीर पंवर के पेट के निचले हिस्से में लग गई। हर्ष शर्मा भी चोटिल हो गया। पुलिस पर आरोप है उदयवीर को उन्होंने देरी से अस्पताल पहुंचाया जिससे उसकी मौत हो गई।
सीबीआई की सिफारिश पर विभागीय जांच शुरू की गई है। हालांकि, मामले की प्रारंभिक जांच चल रही है, इसलिए अभी इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। - आसिफ जलाल, डीआईजी, दक्षिणी रेंज