लोन लेकर बाद में किस्तों की अदायगी न करने वाले उद्योगों के खिलाफ बैंक प्रबंधन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी के तहत सोमवार को हरोली विस क्षेत्र के एक गांव में स्थित एक ऑयल कंपनी पर कार्रवाई की गई है। लोन की अदायगी न करने पर सोमवार को तहसीलदार हरोली ने उद्योग में ताला लगाकर सील कर दिया।
उसके बाद बैंक अधिकारियों को उसका कब्जा दिलाया गया। बताया जा रहा कि बैंक की ओर से कई बार उद्योग प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए, लेकिन उद्योग प्रबंधन ने नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया। साथ ही लोन की किस्तें भी अदा नहीं की। कांगड़ा बैंक के एजीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि कंपनी बैंक के पास 1.46 करोड़ रुपये की डिफाल्टर थी जिसे सील कर कब्जे में लिया गया है। इस
अवसर पर तहसीलदार हरोली विजय राय, बैंक मैनेजर नीलम शर्मा समेत पुलिस कर्मी मौजूद थे। औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में बीते माह भी दो उद्योगों को सील किया गया। जिन पर बैंक की करोड़ों रुपये की देनदारी थी। बैंक और प्रशासन की कार्रवाई से डिफाल्टर उद्योगपतियों में हड़कंप है।