पांच लाख से कम की ठगी वाले मामलों में साइबर सेल स्थानीय थानों को शिकायत भेज देंगे और जांच में तकनीकी सहयोग देगा। पूर्व डीजीपी संजय कुमार और फिर सोमेश गोयल के कार्यकाल के दौरान नियमों का हवाला देते हुए साइबर थाने में एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी गई थी।
लेकिन साइबर थाने के पक्ष में खड़े अफसर उसकी स्थापना और उसके बाद बने नियमों का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रखने के पक्ष में थे। इधर, सूबे में लगातार साइबर अपराध के मामले बढ़ते जा रहे थे।
नए डीजीपी मरडी के पदभार संभालने के बाद साइबर सेल के अधिकारियों ने एक बार फिर उनके सामने यह पक्ष रखा। लोगों की समस्या और बढ़ते अपराध को देखते हुए डीजीपी ने फिर से साइबर सेल के थाने में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।