हिमाचल में साइबर अपराधियों ने झांसा देकर लूटने का नया तरीका अपना लिया है। हमीरपुर जिले के सुजानपुर स्थित प्रदेश के एकमात्र सैनिक स्कूल की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल बच्चों के अभिभावकों का फोन नंबर डाटा चुराकर शातिरों ने उन्हें फोन किए और दाखिला दिलाने के नाम पर हजारों रुपये की मांग की। बुधवार को तीन फोन कॉल्स धर्मशाला, बैजनाथ और रोहड़ू के प्रवेश परीक्षा देने वाले बच्चों के अभिभावकों को आईं।
फोन व अन्य माध्यम से शातिर बच्चों को पास कराने के लिए अभिभावकों से 15 से 25 हजार तक की मांग कर रहे हैं। पैसा आनलाइन ट्रांसफर करने की बात कही जा रही है। बड़ा सवाल यह है कि शातिरों ने आखिर बच्चों की नाम, पिता का नाम, घर का पता व रोल नंबर आदि पूरा विवरण क्या सैनिक स्कूल में सेंध लगाकर लिए हैं।
शातिर साइबर अपराधी प्रवेश परीक्षा देने वाले अभिभावकों से संपर्क साधकर उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। सैन्य तंत्र से सीधे जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान का गोपनीय डाटा साइबर ठगों तक पहुंचना बड़ी साइबर सुरक्षा चूक है। यह अपने आप में उच्च स्तरीय जांच का विषय है।
लंज के बलबीर कुमार के अनुसार शातिरों ने उन्हें बुधवार सुबह फोन किया। प्रवेश परीक्षा के आवेदन फार्म की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि आपके बच्चे के एंट्रेंस टेस्ट में 15 नंबर कम आए हैं। अगर आर्मी स्कूल में दाखिला लेना है तो 10 हजार रुपये लगेंगे। इसके बाद शातिर ने एसबीआई बैंक का अकाउंट नंबर भेज दिया।
रोहड़ू के सुनील कपटा के अनुसार अज्ञात काल करने वाले उन्हें बताया कि सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा में आपके बेटे के पांच अंक कम है। बेटे को पास करवाना है तो बैंक खाते में पंद्रह हजार रुपये की राशि जमा करवानी होगी। कॉल करने वाले ने अपना बैंक अकाउंट नंबर भी भेजा है। ठगी का अहसास होने पर मैंने खाते में पैसा जमा नहीं करवाया।
सॉल्यूशन कोचिंग सेंटर बैजनाथ के निदेशक सुनील भंगालिया ने भी अभिभावकों को इस तरह के फोन आने की जानकारी दी। अभिभावकों को दिल्ली से अज्ञात फोन आ रहे हैं। बच्चों को सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में पास करवाने के लिए बैंक खाते में 15000 से 25000 रुपये तक डालने को कहा जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की शातिरों की तलाश
एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने जिले में इस तरह के मामले सामने आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कांगड़ा पुलिस ने शातिरों की तलाश शुरू कर दी है। शातिरों ने जिन फोन नंबर से अभिभावकों को काल की है, उनकी लोकेशन पश्चिम बंगाल और बिहार की आ रही है। एसपी ने हैरानी जताई कि शातिरों के पास बच्चों के आवेदन पत्र की पूरी जानकारी कैसे पहुंच गई। उन्होंने कहा कि कहा कि लोग शातिरों के लालच में न आएं। फ्राड काल से बचें।