हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के बहुचर्चित दियोली सहकारी सभा के घोटाले के आरोप में गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश सोशल मीडिया समन्वयक एवं सोसायटी के पूर्व प्रधान अनिल डडवाल को गिरफ्तार कर लिया है। सोसायटी के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने अग्रिम जमानत ले ली है। जिससे पिछले एक माह से नशा निवारण पुनर्वास केंद्र के इर्द गिर्द घूम रही गगरेट विस क्षेत्र की राजनीति अब दियोली सोसायटी को लेकर चर्चा में आ गई है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के आदेश पर चल रही जांच में अब तेजी आई है और इस घोटाले का आंकड़ा अब 11.70 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि एआरओ ऊना ने गत दिवस ही इस घोटाले को लेकर अपनी जांच पूरी की और रिपोर्ट जमा करवाते ही पुलिस ने सुराग मिलने पर कांग्रेस नेता एवं सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष अनिल डडवाल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सत्ता पक्ष का नजदीकी दियोली सोसायटी का आरोपी सचिव भी हवालात की सैर कर चुका है। उधर, कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी होने से अब राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष के साथ साथ सत्ता पक्ष में बैठे कुछ नेताओं की सांसें थमना शुरू हो गई हैं। क्योंकि इस घोटाले में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं पर भी उंगली उठ चुकी है। गौर हो कि उक्त सोसायटी में घोटला होने के कारण करीब 1800 खाता धारकों का पैसा फंसा हुआ है। उधर, एसएचओ गगरेट दर्शन सिंह ने बताया कि पुलिस ने दियोली सोसायटी के 2013 से 2018 तक अध्यक्ष रहे अनिल डडवाल को जांच में मिले सुरागों के आधार पर गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आखिर क्या है मामला
दियोली को-ऑपरेटिव सोसायटी में हुए घोटाले में पदाधिकारियों पर केसीसीबी गगरेट से लगभग 65 लाख की एफडीआर जाली हस्ताक्षर करके निकालने के आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा 17 सितंबर 2011 को आरोपी सचिव ने सभा और अपने नाम के एक साथ खाते खुलवाए। जिन खातों के तहत सभा के पैसे का दुरुपयोग का आरोप है। भाजपा के एक बड़े नेता जिसका दियोली गांव से लेना देना नहीं है, को 2 लाख रुपये का चेक सभा के खाते से देने पर सवाल उठ चुके हैं।