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डीएसपी ने किया बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़, छात्र ने अपनी सहयोगी के साथ खुद रची अपहरण की कहानी

Thu, 05 Sep 2019 05:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुजानपुर (हमीरपुर)
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में बच्चा चोर गिरोह की अफवाहों का डीएसपी हमीरपुर हितेश लखनपाल ने भंडाफोड़ कर दिया है। ठाकुर जगदेव चंद स्मारक राजकीय महाविद्यालय सुजानपुर के बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्र अंकू ने अपनी सहयोगी छात्रा का फेसबुक और मेसेंजर अकाउंट हेक कर अपने अपहरण की कहानी रची थी।

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अमेरिका से फेसबुक और मेसेंजर के संदर्भ में पुलिस द्वारा मंगवाई इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिपोर्ट(आईपीडीटी) से यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पुलिस की एफआईआर में पीड़ित छात्र ने जिस मेसेंजर मेसेज को बताया है। वह मेसेज खुद पीड़ित के मोबाइल फोन से भेजा गया। इसकी पुष्टि मोबाइल के आईएमई नंबर और सुजानपुर में लगे सीसीटीवी कैमरों से हुई है।

पीड़ित युवक ने 28 अगस्त को अपने परिजनों के साथ सुजानपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई थी कि 26 अगस्त को कॉलेज में साथ पढ़ने वाले सहपाठी एंजल पठानिया ने उसे मेसेज भेजा कि तुम्हारे पापा बस स्टैंड पर बुला रहे हैं। दो लोग मोटरसाइकिल पर आ रहे हैं, उनके साथ बैठ कर आ जाओ। मोबाइल पर इस संदर्भ में 26 अगस्त को दोपहर 12:03 बजे से 12:24 बजे के बीच चैट हुई है।
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लेकिन पुलिस जांच में और कॉलेज रिकॉर्ड में यह लड़की क्लास लगा रही है। दोनों अच्छे दोस्त थे और फेसबुक, मेसेंजर, व्हाट्सऐप और टिक-टॉक पर चेटिंग करते थे। दोस्ती में उसने लड़की का अकाउंट और पासवर्ड हासिल कर लिया था। जिसके चलते उसने एंजल पठानिया के फेसबुक और मेसेंजर अकाउंट से खुद ही अपने मोबाइल पर मेसेज भेजे थे।

परिजनों ने बार-बार सुजानपुर थाना पहुंच कर आरोपी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई न करने पर थाना फूंकने की धमकी दी थी। डीएसपी हितेश लखनपाल, थाना प्रभारी सुभाष शास्त्री और हवलदार अनूप कुमार ने प्रेस वार्ता में मीडिया को यह जानकारी दी।

डीएसपी हेडक्वार्टर हितेश लखनपाल ने कहा कि झूठी शिकायत देने, पुलिस के ऊपर मनगढ़ंत आरोप लगाने, पुलिस का समय बर्बाद करने पर अब शिकायकर्ता युवक और उसके परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। डीएसपी द्वारा कम समय में मामले का पटाक्षेप करने पर लोगों ने प्रशंसा की है। यह वही डीएसपी हैं जो प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा में टॉपर रहे हैं। इनके पिता हिमाचल सरकार में बतौर एचएएस अधिकारी विभिन्न पदों पर रहे हैं।

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