चेक बाउंस मामले में एक महिला को छह माह की सजा हुई। इसके अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी महिला को भरना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में महिला को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला धर्मशाला की न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आकांक्षा डोगरा की अदालत ने सुनाया है।
मामले की जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिवक्ता सुंदर अग्रवाल ने बताया कि सुधा रस्तोगी पत्नी घनश्याम रस्तोगी निवासी कोतवाली बाजार धर्मशाला ने बैंक से 598000 रुपये का कर्ज लिया था।
इसे अदा करने के लिए महिला ने बैंक को 85000 का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। इस पर बैंक ने उनके माध्यम से दोषी पर अदालत में मुकदमा दायर किया था। इसके अलावा एक अन्य मुकदमे में भी इसी अदालत ने सुधा रस्तोगी को छह माह की कैद और 50 हजार रुपये का हर्जाना की सजा सुनाई है।
उन्होंने बताया कि महिला ने हिमाचल ग्रामीण बैंक का कर्ज वापस करने के लिए बैंक को 27000 रुपये का चेक दिया था, जो खाते में पैसा न होने के कारण बाउंस हो गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में महिला को छह माह की सजा सुनाई है।