इसके बाद 23 सितंबर, 21 अक्तूबर, 2 और 23 नवंबर को उनकी फ्लाइट की जानकारी दी। हर बार फ्लाइट नहीं हुई। उन्होंने एडवांस वापस मांगा तो उसने देने से मना कर दिया।
जनवरी में उसने उन्हें जार्जिया या अजरबेजान भेजने की बात कही। इसके लिए 1 लाख 10 हजार रुपये मांगे। अशरफ खान ने पहले दिया एडवांस इस राशि से काटने की बात कही। इसके बाद उसने मनसा राम से 1.10 लाख, प्रवीण कुमार से 60 हजार, धनीराम से 1.10 लाख, हरनाम से 1.10 लाख, भूपेंद्र से 60
हजार रुपये लिए और पहले 18 फरवरी 2018 को फिर 6 मार्च, 9 व 15 अप्रैल को फ्लाइट होने की बात कही। इस बार भी उनसे धोखा हुआ। उन्होंने दबाव बनाया तो 27-28 अप्रैल को उनकी हर हाल में फ्लाइट करवाने की बात कही।
इस बार भी उनसे धोखा हुआ। उन्होंने दबाव बनाया तो 27-28 अप्रैल को उनकी हर हाल में फ्लाइट करवाने की बात कही। इसके लिए वे सुंदरनगर पहुंचे, लेकिन इस बार भी उनकी फ्लाइट नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद फिर उन्हें 10 मई की तारीख दी, लेकिन फ्लाइट नहीं हुई।
थाना प्रभारी गुरबचन सिंह ने बताया पुलिस ने आधा दर्जन युवाओं की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी एजेंट से जुड़े तमाम अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जब-जब उनका मेडिकल हुआ, उनके साथ करीब 30 और लोग होते थे। वे भी एजेंट को लाखों रुपये देने की बात कहते थे। इससे साफ है कि एजेंट ने विदेश भेजने के नाम पर उन्हें जाली वर्क परमिट व टिकट दिखा कर उनके साथ ठगी की है। वह अब उनसे लिए लाखों रुपये और पासपोर्ट भी लौटा नहीं रहा है।