हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ सोमवार को चार्जशीट कोर्ट में दायर हो सकती है। सोमवार को क्रिकेट एसोसिएशन की दो याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
सुबह खंडपीठ के सामने 26 अक्तूबर 2014 को धर्मशाला स्टेडियम के ताले तोड़ने के केस में मुख्यमंत्री को निजी तौर पर प्रतिवादी बनाने की याचिका पर सुनवाई होगी।
ये केस सुप्रीम कोर्ट से वापस हाईकोर्ट आया है। जबकि दोपहर बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर एचपीसीए पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करेंगे।
धूमल, आईएएस अफसरों समेत 18 लोगों के नाम
1 अगस्त 2013 को दर्ज इसी एफआईआर पर विजिलेंस धर्मशाला कोर्ट में चालान पेश करने वाला है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को पहली बार आरोपी बनाया जा रहा है। इसके लिए राज्यपाल से अभियोजन मंजूरी मिल गई है।
इस चालान में धूमल, आईएएस-एचएएस अफसरों, एचपीसीए पदाधिकारियों समेत कुल 18 लोगों के नाम बताए जा रहे हैं। हालांकि सोमवार को चालान पेश होता है या नहीं, यह हाईकोर्ट के फैसले या रुख पर निर्भर करेगा।
एक ओर गृह विभाग ने जांच एजेंसी विजिलेंस ब्यूरो को चार्जशीट दायर करने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी करके दे दी है, वहीं दूसरी ओर एचपीसीए ने सभी संभावनाओं को देखते हुए राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रखी है। इस केस में सोमवार का दिन बड़ा अहम है।
आईएएस अफसरों को फिलहाल नहीं होंगे समन
चार्जशीट कोर्ट में दायर होने के बावजूद आईएएस अधिकारियों दीपक सानन और अजय शर्मा को इस बारे में समन नहीं हो पाएंगे।
इन दोनों अफसरों के खिलाफ एफआईआर में दर्ज भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (2) के तहत के तहत केस चलाने के लिए भारत सरकार से अभियोजन मंजूरी चाहिए।
इसमें दो से तीन महीने का वक्त लगेगा। कार्मिक विभाग ने इस बारे में नए फारमेट पर केस भारत सरकार को भेज दिया है, लेकिन मंजूरी आने तक इनके खिलाफ अभियोजन शुरू नहीं होगा। हालांकि आईपीसी की धाराओं के लिए राज्य सरकार ने अपने स्तर की मंजूरी दे दी है।