जालसाजी और धोखाधड़ी के एक मामले में पंचकूला की एक निजी कंपनी के चार प्रमोटरों के खिलाफ सीबीआई ने सीजेएम कोर्ट शिमला में चार्जशीट दाखिल की है। जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें मेसर्स सैंसंस पल्प एंड पेपर लिमिटेड और मेसर्स एग्जीक्यूटिव इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और प्रमोटर रमेश कुमार सैनी के अलावा शशि बाला सैनी, रणधीर सिंह सैनी और रविंद्र कुमार गुप्ता शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) की चंडीगढ़ मुख्य शाखा के डिप्टी जनरल मैनेजर की शिकायत में आरोप लगाया कि कंपनी ने ऊना में अपने एक प्रोजेक्ट के लिए एसबीआई से 50 करोड़ का लोन लिया। इसे बाद में 2009 में बढ़ाकर 80 करोड़, 2010 में 95 करोड़ और 2011 में 105 करोड़ किया गया। इसके बदले बैंक ने पर्याप्त गारंटी भी ली थी, लेकिन उपरोक्त कंपनी बैंक की डिफाल्टर लिस्ट में आ गई। 2018 में जब कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट बैंक के पास आई तो पता चला कि कंपनी ने धोखाधड़ी कर स्टॉक इधर-उधर कर दिया है और बैंक के पैसे का भी दुरुपयोग किया है। इस पर बैंक ने 2019 में सीबीआई में शिकायत की थी। 2020 में सीबीआई ने आईपीसी की धारा 120बी और 420 के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।