हालांकि, इसकी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो सेना अपने स्तर पर इस पूरे मामले की जांच कर रही है। उधर, चंबा जिला पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मोनिका का कहना है कि सेना के कई सीक्रेट ऑपरेशन होते हैं। इसे समय समय पर अंजाम दिया जाता है।
लेकिन चंबा जिले में कहीं से भी देश विरोधी गतिविधि की खबर नहीं है। चंबा में डलहौजी व बकलोह सैन्य क्षेत्र है। ये सभी क्षेत्र अति संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। कुछ महीनों पूर्व ही डलहौजी में सेना के वरिष्ठ अफसर ने खुफिया इनपुट का हवाला देकर इलाके में सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया था।
इससे पूर्व भी डलहौजी के आसपास की पहाड़ियों पर सैटेलाइट फोन के सिग्नल मिल चुके हैं। वर्ष 1998 में मिंजर मेले के दौरान ही चंबा के सतरुंडी व कालाबन में आतंकियों ने 35 लोगों का नरसंहार किया था।