वर्ष 2012 से 2017 में आरोपी जोगिंद्रनगर में तैनात रहा। अंतरजातीय विवाह करने वाले एक युवक की शिकायत पर 2019 के शुरू में विभाग ने जांच शुरू की। अधिकारी पर आरोप था कि उसने प्रोत्साहन राशि को हड़प लिया है।
लेकिन कागजों में प्रोत्साहन राशि को लाभार्थी के नाम पर दर्शाया गया है। विभाग ने जांच में पाया कि विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को दिए जाने वाली धनराशि में 1.39 करोड़ का गड़बड़झाला हुआ है।