सीबीएसई के 12वीं अर्थशास्त्र पेपर लीक मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों राकेश कुमार, अमित शर्मा और अशोक को दिल्ली अपराध शाखा की टीम सोमवार को ऊना लाएगी। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि पेपर लीक मामले में बैंक के अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। अभी तक दसवीं के गणित के पेपर लीक होनेे में आरोपियों का कोई हाथ सामने नहीं आया है।
मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि तीनों आरोपियों को ऊना में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ले जाया जाएगा। इस मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका या फिर लापरवाही सामने आ सकती है।
बैंक अधिकारियों की देखरेख में ही पेपर बाहर निकाला जाता है। पुलिस वहां बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी। इसके अलावा दिल्ली पुलिस आरोपियों को डीएवी सेंटेनरी स्कूल और पेखूबेला परीक्षा केंद्र जवाहर नवोदय विद्यालय भी लेकर जाएगी। छुट्टी का दिन होने के कारण आरोपियों को रविवार को ऊना नहीं ले जाया गया था।
एसआईटी के सदस्य ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में दूसरे दिन भी पैसे के लिए पेपर लीक करने की बात से इंकार किया है। मास्टरमाइंड राकेश कुमार का कहना है कि उसने अपनी छात्रा की सहायता के लिए पेपर लीक किया था।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर को लीक करने के आरोप में डीएवी स्कूल ऊना के अर्थशास्त्र के शिक्षक राकेश कुमार, इसी स्कूल के क्लर्क अमित शर्मा व चपरासी अशोक को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने तीनों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
महिला रिश्तेदार से भी हो सकती पूछताछ
सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस मास्टरमाइंड राकेश की महिला रिश्तेदार (भाभी) से भी पूछताछ कर सकती है। जिस लड़की ने पेपर लिखकर कॉपी किया था, उससे भी पूछताछ की जा सकती है।