जनवरी 2013 में तारादेवी- टुटू बाईपास पर पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक के जांच मामले में सीबीआई ने नया खुलासा किया है। अब तक की जांच में सीबीआई को पुलिस के उस दावे के पक्ष में एक भी साक्ष्य नहीं मिला है जिसमें कहा गया था कि आत्मरक्षा के लिए जवानों ने युवकों को गोली मारी है। जांच में जितने भी पहलुओं पर सीबीआई ने जांच की उसमें इसी ओर इशारा मिला है कि पुलिस कांस्टेबल ने जान बूझकर युवक को गोली मारी। हालांकि, गोली मारने के कारणों की जांच अब भी चल रही है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई जल्द ही मामले में चार्जशीट फाइल कर सकती है। साल 2013 की 10 जनवरी की रात तारादेवी के पास शिमला पुलिस के कांस्टेबल रणवीर सिंह की पिस्टल से गोली चलने की वजह से चक्कर निवासी उदयवीर सिंह और नितिन नाम के युवक घायल हो गए थे। घायलों को आईजीएमसी ले जाया गया जहां उदयवीर ने दम तोड़ दिया था। पुलिस का दावा था तारादेवी स्थित पुलिस के जंकयार्ड में दोनों चोरी करने के इरादे से आए थे। कांस्टेबल ने दोनों को रोकने का प्रयास किया
लेकिन जब वह मारपीट पर आमादा हो गए तो कांस्टेबल ने पहले हवाई फायरिंग की फिर पैर पर मारने की नीयत से गोली चलाई। तर्क दिया गया था कि रात बहुत थी इसलिए पैर के बजाय गोली पेट में लग गई। हालांकि पोस्टमार्टम में पता चला था गोली पेट में नहीं पैर में लगी थी और ज्यादा खून बहने की वजह से उदयवीर की मौत हो गई थी।
पिता ने की सीबीआई जांच की मांग
उदयवीर के पिता सचिवालय से सेवानिवृत्त सेक्शन आफिसर प्रताप सिंह पंवर ने पुलिस की इस थ्योरी को नकारते हुए आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस कांस्टेबल पर आरोप था और पुलिस ही मामले की जांच कर रही थी। इसलिए परिजनों ने हाईकोर्ट से किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। फिलहाल सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है।
जल्द चार्जशीट हो सकती है फाइल
सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने घटनास्थल के अलावा घटना के वक्त मौजूद लोगों से बयान लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। हालांकि अभी वैज्ञानिक आधार वाली कुछ रिपोर्टों का इंतजार हो रहा है। उन रिपोर्टों के आते ही सीबीआई कोर्ट में अपनी चार्जशीट फाइल कर देगी।