सीबीआई ने 12 लाख रुपये के रिश्वत मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक अधिकारी, एक बिचौलिए और एक दवा कंपनी के निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि एनसीबी ने 31 मई, 2016 को हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब में थ्री बी हेल्थकेयर के परिसरों की तलाशी ली थी।
इस दौरान वहां पर मौजूद कंपनी के महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह राजपूत की अलमारी से छह किलोग्राम कोडीन फास्फेट मिला था। कोडीन फास्फेट एक रसायन होता है जिसे अफीम से निकाला जाता है और इसका इस्तेमाल कफ सिरप (खांसी की दवा) में होता है। राजपूत की गिरफ्तारी के डर से कंपनी के निदेशक नीरज भाटिया ने विश्वदीप बंसल से संपर्क कर उन्हें एनसीबी अधिकारियों के साथ मामला सुलझाने को कहा, क्योंकि इससे उनकी साख पर असर पड़ रहा था।
बंसल ने भाटिया को आश्वस्त किया कि वह दिल्ली में एनसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मध्यस्थता कर मामला सुलझा देगा। सीबीआई ने आरोप लगाया कि बंसल ने दिल्ली में एनसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और 12 लाख रुपये अधिकारियों को देने के लिए कहा। आरोप है कि बंसल ने एनसीबी के निरीक्षक राजकुमार को 12 लाख रुपये का भुगतान किया। एजेंसी ने मामले में राजकुमार, बंसल और भाटिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है।