फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिमला रेप केस: सीबीआई ने महासू में फिर डेरा डाला, इनसे की पूछताछ

Tue, 05 Dec 2017 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
बहुचर्चित गुड़िया मामले की जांच के लिए सीबीआई ने फिर से महासू में डेरा डाल दिया है। सोमवार को सीबीआई की टीम ने हलाइला में उद्यान विभाग के भवन निर्माण के ठेकेदारों और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए महासू रेस्ट हाउस बुलाया। 
विज्ञापन











हलाइला में उद्यान विभाग के दो मंजिला भवन का निर्माण हुआ है। हालांकि, गुड़िया मामले से पहले भवन का निर्माण कार्य खत्म हो चुका था। सीबीआई अब जांच को आगे बढ़ाने के लिए सुराग खोजने में जुटी है। 

सोमवार को दोपहर के समय सीबीआई टीम महासू पहुंची। उन्होंने ठेकेदारों से पूछा कि उन्होंने हलाइला में कब से भवन का काम शुरू किया। कितने मजदूरों को काम में लगाया था और वे मजदूर कहां के रहने वाले हैं।
विज्ञापन

4 जुलाई को हुआ था गुड़िया के साथ दुराचार  

काम खत्म करने के बाद पांच बजे वह मजदूर कहां रहते थे, क्या इन मजदूरों की हाजिरी लगाई गई है। सीबीआई ने ठेकेदारों से करीब 15 से 20 सवाल किए। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के तीन कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। 

इनसे पूछा गया कि निर्माण कार्य के दौरान कौन-कौन व्यक्ति यहां से गुजरता था। राह चलने वाले लोगों का व्यवहार आदि की जानकारी जुटाई गई। मंगलवार को सीबीआई की टीम ने उद्यान भवन निर्माण के सभी मजदूरों को पूछताछ के लिए महासू रेस्ट हाउस बुलाया है।

सीबीआई टीम मान रही है कि 6 जुलाई को हलाइला जंगल में गुड़िया की लाश मिली थी। 4 जुलाई को गुड़िया के साथ दुराचार हुआ होगा और उसके बाद उसकी हत्या की गई।
विज्ञापन

सूरज की पत्नी के लिए लगाई न्याय की गुहार

पुलिस हिरासत में हुई सूरज की हत्या के बाद उसकी पत्नी और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए मदर सेवा ट्रस्ट ने हाईकोर्ट को पत्र लिखा है। इसमें ट्रस्ट ने सूरज की पत्नी को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी की भी मांग उठाई गई है।

मदद सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष तनुजा थापटा ने कहा कि हाईकोर्ट को 3 पन्नों का का पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि सूरज की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। मृतक सूरज की पत्नी बेसहारा हो गई है। मुआवजे के आदेश दिए जाने से मृतक की पत्नी बच्चों का पालन पोषण कर सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें