हिमाचल के सिरमौर जिले में रेणुका पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने पर अपने ही थाने के एक मुख्य आरक्षी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की तहकीकात खुद डीएसपी संगड़ाह अनिल धोल्टा ने की थी। जिसमें मुख्य आरक्षी को आरोपी पाया गया।19 जनवरी को 26 वर्षीय लठियाना निवासी बलवीर सिंह ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी।
इसके बाद नाहन चिकित्सालय में बलवीर की मौत हो गई थी। परिजनों ने रेणुका थाने के एक पुलिस आरक्षी पर बलवीर को आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप लगाए थे। परिजनों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से इस मामले में सख्त कार्रवाई की भी मांग की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक सिरमौर ने पुलिस आरक्षी को रेणुका थाने से नाहन तब्दील कर दिया।
यही नहीं मामले की जांच का जिम्मा भी डीएसपी संगड़ाह को सौंप दिया था। डीएसपी अनिल धोल्टा ने अपने स्तर पर इस मामले की गहनता से जांच की। इस दौरान उन्होंने मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की। मृतक के भाई रघुवीर सिंह की शिकायत पर मुख्य आरक्षी के आरोपी पाए जाने पर उसके खिलाफ रेणुका थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की पुष्टि डीएसडी संगड़ाह अनिल धोल्टा ने की है।