जाली करेंसी से जुड़े युवकों के परिजनों ने उनका भविष्य बनाने के लिए उन्हें उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाई थी। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके बच्चे ऐसी वारदात को अंजाम देंगे। पुलिस स्टेशन में सोमवार रात विक्रांत और परवेश के परिजन उनका कारनामा उजागर होने के बाद फूट फूट कर रोए।
वहीं गलती का अहसास देख दोनों छात्र भी आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। लॉ स्टूडेंट परवेश की दादी मां अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। मगर दादी को यह मालूम नहीं है कि उसका पोता सलाखों के पीछे है। लॉ छात्रों के परिजनों पर मानो पहाड़ सा टूट पड़ा है।
सोमवार देर रात अपने बच्चों की गिरफ्तारी के बाद परवेश और विक्रांत के पिता वापिस घर लौट गए हैं। पुलिस अब इस बाद की पड़ताल में जुट गई है कि लॉ स्टूडेंट नकली नोट कहां छापते थे और
नकली नोट छापने की सामग्री और प्रिंटर इन छात्रों ने कहां छिपाए हुए हैं। पुलिस जाली करेंसी मामले में फरार दो अन्य लॉ छात्रों का सुराग पता लगाने में दिनरात डटी हुई है। भूमिगत छात्रों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं।
यह भी पता चला है कि फरार युवकों में से एक युवक की मलाणा के देवा के साथ गहरी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद मलाणा चरस की चाह में लॉ स्टूडेंटस ने नकली नोट छाप दिए। चारों छात्रों पर पहले भी कहीं मुकदमे दर्ज तो नहीं हैं। इसको लेकर भी पुलिस पड़ताल कर रही है।
डीएसपी हितेश लखनपाल ने बताया कि भूमिगत युवकों को पुलिस जल्द पकड़ेगी। जाली करेंसी मामले में गिरफ्तार लॉ के दो छात्रों को पुलिस ने मंगलवार को उपमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी गोहर की अदालत में पेश किया।
जहां से दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। थाना प्रभारी गोहर मनोज वालिया ने रिमांड मिलने की पुष्टि की है। सोमवार को पुलिस ने हरियाणा निवासी विक्रांत और दिल्ली निवासी परवेश को जाली करेंसी मामले में गिरफ्तार किया था।