हिमाचल के जिला ऊना के एक आलाधिकारी को पोस्ट किए गए धमकी भरे एक खत ने जिला प्रशासन में खलबली मचा दी। हालांकि, पुलिस ने इसकी त्वरित जांच कर इसकी असलियत का पता लगा लिया। पुलिस के मुताबिक यह कथित धमकी भरा खत बोगस निकला है। किसी ने शरारत कर पुलिस और प्रशासन को उलझाने की कोशिश की है।
इस तरह की शरारत किसने की, पुलिस ने इस दिशा में अपनी जांच आगे बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों जिला के एक आलाधिकारी को भारतीय डाक के माध्यम से पोस्ट किया हुआ एक खत मिला। इसमें सिख कैदियों को रिहा करने की मांग को लेकर धमकी दी गई है।
पुलिस ने कहा, किसी असामाजिक तत्व ने की शरारत
हस्त लिखित इस खत में कहा गया है कि इस संबंध में एक बैठक ऊना, जबकि एक बैठक होशियारपुर में आयोजित की गई। खत की भाषा स्पष्ट नहीं है और न ही इसकी राइटिंग। हालांकि, लिखने वाले ने भेजने वाले की जगह भिंडरावाला टाइगर फोर्स खालिस्तान का जिक्र किया है।
उधर, जिला पुलिस प्रमुख अनुपम शर्मा का कहना है कि यह पत्र किसी असामाजिक तत्व की शरारत है। जांच में यह जाली पाया गया है। इसे ऊना के गगरेट से ही पोस्ट किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर यह किसकी शरारत हो सकती है। लिहाजा, इस दिशा में जांच आगे बढ़ा दी गई है।