विवादित बाबा अमरदेव को सेशन कोर्ट ने 14 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। हिरासत के दौरान बाबा को सोलन जेल में रखा जाएगा। सीआईडी रिमांड के दौरान बाबा से जुड़े सवालों का जवाब तलाशती रहेगी। इससे पूर्व मंगलवार को तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद सीआईडी ने बाबा को कोर्ट में पेश किया।
यहां न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बाबा को न्यायिक हिरासत में रखने का फैसला सुनाया। सीआईडी ने बाबा को कोर्ट में पेश करने से पूर्व हरियाणा में दबिश दी थी। वहां से बरामद साक्ष्य भी कोर्ट में पेश किए।
बाबा अमरदेव पर महिला से मारपीट का आरोप है। बाबा की अग्रिम जमानत पूरी होने के बाद पहली तारीख से सीआईडी ने बाबा अमरदेव पर शिकंजा कसा है। आईजी जहूर जैदी ने बताया कि बाबा अमरदेव को कोर्ट में पेश किया गया था।
सीआईडी को मिला बाबा का आधार कार्ड
सीआईडी ने बाबा अमरदेव के गुरु को हरियाणा से ढूंढ निकाला है। महंत गोवर्धन दास ने बाबा अमरदेव को पालने की बात मानी है। महंत ने सीआईडी को जानकारी दी है कि बाबा अमरदेव करीब चार से साढ़े चार साल की उम्र में 1992 में उन्हें मिला था।
इसके बाद वर्ष 2012 तक वह उनके साथ ही रहा। सभी तरह की दीक्षा हासिल करने के बाद हिमाचल का रुख कर गया। सीआईडी को इसके साथ ही इस तफतीश के दौरान बाबा का एक आधार कार्ड भी मिला है। इसमें उसकी जन्मतिथि 1991 दर्शाई गई है।
महंत गोवर्धन दास ने 1992 में बाबा अमरदास की उम्र चार साल की बताई थी। आधार कार्ड को आधार बनाकर अब सीआईडी इस मामले में आगे के पेच खोलने के प्रयास में जुट गई है। गौरतलब है कि बाबा अमरदेव से पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना पैतृक पता सीआईडी को नहीं बताया था।
उन्होंने हरियाणा में दीक्षा लेने की बात कही थी। इस आधार पर सीआईडी ने हरियाणा में दबिश दी और बाबा का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई। दबिश के दौरान सामने आए बाबा के गुरु महंत गोवर्धन दास ने सीआईडी को बताया कि बाबा अमरदेव उसे अनाथ हालत में
मिला था और उस समय उसकी उम्र महज चार साल थी, लेकिन सीआईडी ने यहीं अपनी जांच बंद नहीं की और एक आधार कार्ड ढूंढ निकाला। इसमें बाबा की जन्मतिथि उनके गुरु के बयान से मेल नहीं खा रही है। इसके लिए सीआईडी अब इस मामले की तफ्तीश आगे भी जारी रखेगी।