भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद सहायक दवा नियंत्रक अभी भी भूमिगत है। विजिलेंस ने उसके घर, दफ्तर और सभी ठिकानों पर चोटिस लगाकर रविवार को हाजिर होने के आदेश दिया था, लेकिन देर शाम तक टीम उसका इंतजार करती है।
आरोपी निशांत सरीन नहीं पहुंचा। अब विजिलेंस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें भेज दी हैं। विजिलेंस को निशांत सरीन के खिलाफ शिकायतें मिली थीं कि वह फार्मा कंपनियों से घूस के तौर पर महंगे होटलों में ठहरता था और देश-विदेश के दौरे के दौरान एयर टिकट करवाता था।
शुक्रवार को सोलन थाने में भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी के सात ठिकानों पर छापामारी की थी। विजिलेंस को उसके ठिकानों से बेनामी संपत्ति के दस्तावेजों के अलावा नकदी भी बरामद हुई है।
आरोपी अभी भी फरार है। आरोपी के पकड़े जाने पर मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना होने उम्मीद है। विजिलेंस के सोलन थाने में डीएसपी स्तर का अधिकारी नहीं है। ऐसे में इसकी जांच शिमला के एक डीसपी को सौंपी गई है।
उधर, विजिलेंस के एडीजी अनुराग गर्ग का कहना है कि आरोपी सहायक दवा नियंत्रक को सोलन में हाजिर होने के आदेश दिए थे, लेकिन वह पेश नहीं हुआ है। अब आरोपी के खिलाफ आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।