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मेजर अनीता सुसाइड केस: नौकरी बचाने को ये हथकंडा अपना रहा आरोपी अफसर

Thu, 23 Feb 2017 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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हिमाचल के चंबा जिले की रहने वाली मेजर अनीता की मौत के मामले में मेजर अनूप की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई दूसरे दिन भी रोस्टर में शामिल नहीं हुई। क्रिमिनल बेंच गठित न होने से सोमवार को मामले की सुनवाई नहीं हो पाई थी। इस मामले की जांच में कई तरह के पेंच फंसे हुए हैं, जिससे अभी पर्दा उठता नजर नहीं आ रहा है।
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अनीता की बहन का कहना है कि अनीता को मानसिक रोगी बताकर इस केस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। यदि वह मानसिक तौर पर कमजोर होती तो सेना में काम नहीं करती। परिवार का कहना है कि मेजर अनूप अपनी अग्रिम जमानत के माध्यम से खुद की नौकरी बचाने की कोशिश में है, क्योंकि उसे मालूम है कि सरेंडर करने पर उसकी नौकरी खतरे में है। यदि उसे जमानत मिल जाती है तो वह अपनी नौकरी बचा सकता है।

अनूप ने कोर्ट में जमानत को लेकर दिए गए सबूतों में पूरी कोशिश की है कि अनीता को मानसिक रोगी साबित किया जाए। साथ ही यह भी साबित किया जाए कि उन दोनों के बीच जो भी शारीरिक संबंध बने, वह सहमति से बने। इस कहानी में जांच की कई गुत्थियां हैं, जो सुलझ नहीं रही हैं।
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अनूप ने कोर्ट में यह भी सबूत दिए हैं कि उसका और अनीता का पांच साल से अफेयर था। उनमें जो भी शारीरिक संबंध बने, वह सहमति से बने। दरअसल, पांच साल से अधिक के शारीरिक संबंध को कोर्ट दुष्कर्म नहीं मानता। यह सब बता कर अनूप खुद पर लग 376 की धारा को बदलाना चाहता है।

सेना से मांगी सीडी और रजिस्टर
पुलिस ने बाड़ी ब्राह्मणा स्थित सैन्य डिपो बटालियन को एक और पत्र लिखा है। इसमें सीसीटीवी फुटेज की सीडी और रजिस्टर मांगा गया है। पुलिस ने सेना से जानकारी मांगी है कि बताया जाए कि अनीता से मिलने कौन-कौन लोग आते थे। कब आते थे और कितनी देर रुकते थे।
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