सेना से ऑनरेरी कैप्टन के पद से रिटायर हुए एक शख्स ने पैसे कमाने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा कर डाला। मगर इससे पहले कि ये कामयाब हो पाता, इसे रंगे हाथ पकड़ा गया। मामला हिमाचल के मंडी का है। यहां करसोग बाजार में वीरवार को एक फर्जी एंटी करप्शन ब्यूरो का भंडाफोड़ हुआ।
फर्जी ब्यूरो के सदस्यों ने करसोग बाजार में सुनारों को निशाना बनाते हुए उनसे 50 हजार रुपये उड़ा ले गए। बाद में पुलिस ने सक्रियता से फर्जी ब्यूरो के सदस्यों को चुराग से धर दबोचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस शातिरों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार वीरवार को करसोग बाजार में एक एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबिश दी। बाजार के दो सुनारों को अपना पहचान पत्र दिखाया और सोना संबंधी बिल पूरे न होने पर पर्ची काटने की एवज में 50 हजार रुपये वसूल लिए।
ऐसे पकड़ा गया शातिर फौजी
जब शातिर दुकान से निकल गए तो सुनारों को कुछ शक हुआ और उन्होंने इसकी सूचना व्यापार मंडल सहित पुलिस को दी। टीम की ओर से रसीद न देने पर इसकी खबर व्यापार मंडल की ओर से अन्य व्यापार मंडल को दी गई।
जैसे ही फर्जी एंटी करप्शन की टीम चुराग स्थित बाजार में सुनार की दुकान में पहुंचे। जिस पर दुकानदारों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए फर्जी एंटी करप्शन टीम सदस्यों को गिरफ्तार किया। शातिरों की पहचान एचआर चौधरी पुत्र रोशन लाल गांव घोड़ी धवीरी बड़सर जो भारतीय सेना से ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुआ है।
ये आरोपी भी पकड़े गए
यशपाल पुत्र रिखी राम गांव व डाकघर कोटलू घुमारवीं, यशवंत पुत्र रामधन गांव व डाकघर शात तहसील घुमारवीं, राकेश कुमार पुत्र रामु गांव गुरनाहड़ पेश से ड्राइवर, नरेश पुत्र निक्का राम घमैड़ी पेशे से सुनार है, के रूप में हुई है।
पुलिस को नरेश के पास एंटी करप्शन ब्यूरो का पहचान पत्र मिला है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस शातिरों से अन्य जगहों में व्यापारियों से की गई ठगी को लेकर पूछताछ कर रही है। इधर, पुलिस थाना करसोग के कार्यवाहक प्रभारी अमर सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया। जांच जारी है।