हिमाचल के मंडी जिले के बालीचौकी में फिर जातीय भेदभाव का मामला सामने आया है। एक स्कूल के अनुसूचित जाति के अभिभावकों ने ऊंची जाति के अभिभावकों पर देवता के नाम पर अध्यापकों पर बच्चों को मिड-डे मील में रोलनंबर वाइज न बैठाने का दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। यह मामला 16 दिसंबर का बताया जा रहा है। इसकी शिकायत कुछ अनुसूचित जाति के अभिभावकों ने औट थाना प्रभारी को की थी। इसके बाद यह मामला एसपी तक पहुंचा और एसपी ने डीएसपी को जांच का जिम्मा सौंपा।
वीरवार को डीएसपी ने गांव व स्कूल का दौरा किया और जांच के बाद रिपोर्ट एसपी को सौंपी। एसपी मंडी गुरदेव शर्मा के अनुसार यह इसमें कोई एट्रोसिटी का मामला नहीं बनता है। आरोप था कि स्वर्ण जाति के अभिभावकों ने स्कूल के अध्यापकों पर दबाव बनाया कि उनके बच्चों को अनुसूचित जाति के बच्चों के साथ रोल नंबर वाइज न बैठाया जाए। कहा कि उनके बच्चे बीमार हो जाते हैं, क्योंकि उनका देवता नहीं मानता है। इससे स्कूल का माहौल खराब हो गया है। अभिभावकों का कहना है कि शीतकालीन सत्र में शिक्षा मंत्री ने जातीय भेदभाव मामले में दोषी शिक्षकों को बर्खास्त करने के फरमान जारी किए हैं। इन अध्यापकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।