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अकांक्ष मर्डर केस: यूटी पुलिस ने एक बार फिर किया सरेंडर

Wed, 01 Mar 2017 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन  की बीएमडब्ल्यू से रौंदकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण की आस लगाए बैठी यूटी पुलिस ने अब खुद ही सरेंडर कर दिया है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है पुलिस द्वारा मामले के 19 दिन बाद ही जिला अदालत में बलराज को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की अर्जी देना। 
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इससे साफ लगता है कि पुलिस बलराज को पकड़ पाने की अब कोई कोशिश नहीं करना चाहती। बल्कि जल्द से जल्द सेक्टर 3 थाना पुलिस बलराज को कोर्ट से भगोड़ा घोषित करवाकर अपने गले का फंदा उतारकर भगोड़े पकड़ने वाले सेल के गले में डालना चाहती है। हाई प्रोफाइल मामला सुलझा पाने में इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी की एक बार फिर नाकामी सामने आई है। इससे पहले नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धु हत्या का मामला भी इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी के पास था।

उस समय वो सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन की एसएचओ थीं। उस मामले में भी पूनम दिलावरी हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई थी। हत्या के करीब तीन महीने बाद सिप्पी के परिजनों की मांग पर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। वहीं, इस मामले में सूत्रों का कहना है कि बलराज देश से बाहर निकल गया है।
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यदि बलराज विदेश भागने में कामयाब रहा है तो इसके लिए भी सीधे सीधे मामले की जांच कर रही एसएचओ व अन्य पुलिस अधिकारी  ही जिम्मेदार हैं। जब अकांक्ष ने पीजीआई में वारदात के अगले दिन दम तोड़ा, उसके अगले दिन जा कर पुलिस ने देश के एयरपोर्ट पर आरोपियों के लुक आउट सर्कुलर जारी किया था।

जबकि घटना के पहले दिन से ही अकांक्ष के परिजन व दोस्त कह रहे थे कि अगर आरोपियों को पकड़ा नहीं गया तो वो विदेश भाग सकते हैं। ऐसे में घटना के 48 घंटों बाद लुक आउट सर्कुलर जारी न करना बलराज को विदेश भागने के लिए पूरा समय देने जैसा था। पुलिस कुछ दिन पहले तक मान के चल रही थी कि बलराज सरेंडर कर देगा। अब पुलिस को अहसास हो गया है कि बलराज उनके हाथ आने वाला नहीं है। 

गौरतलब है कि पुलिस इस मामले में  बलराज के साथी हर मेहताब उर्फ फरीद को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल हुई बीएमडब्ल्यू कार भी पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ से बरामद कर चुकी है। कार को सीएफएसएल टीम जांच के लिए अपने साथ भी ले जा चुकी है। 

आरोपी बलराज को भगौड़ा घोषित करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई है। साथ ही उसको पकड़ने के लिए भी टीमें गठित कर पंजाब व हरियाणा में छापेमारी की जा रही है। लेकिन आरोपी का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। -रामगोपाल ,डीएसपी सेंट्रल 

बलराज की पीओ प्रोसीडिंग को अदालत ने दी मंजूरी 
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन हत्याकांड में जिला अदालत ने मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया संबंधी पुलिस की याचिका को मंजूरी दे दी है। वहीं, अदालत ने मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस को जवाब दाखिल करने के लिए पांच अप्रैल की तारीख दी है।

अदालत से याचिका पर मंजूरी मिलने के बाद पुलिस अब बलराज के वांटेड के पोस्टर पब्लिक प्लेस पर चस्पा करेगी। साथ ही देशभर के सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों समेत सभी संभावित जगह पर अलर्ट भेजा जाएगा। वहीं पांच अप्रैल से पहले अगर बलराज की गिरफ्तारी नहीं होती या वह सरेंडर नहीं करता है तो अदालत उसे भगोड़ा करार दे सकती है। वहीं अदालत इससे पहले बलराज के गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि यूटी पुलिस मामले में आरोपी को अब तक पकड़ नहीं पाई है। वहीं इससे पहले उसके गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में उसे भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। इससे पहले सेक्टर-3 थाना पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया था कि 9 फरवरी को सेक्टर-9 में हुए हत्याकांड में दो आरोपियों में से एक

बलराज सिंह रंधावा को पुलिस ने पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की, लेकिन उसका अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। केस में दूसरे आरोपी हर मेहताब सिंह उर्फ फरीद को पुलिस 16 फरवरी को गिरफ्तार कर चुकी है, अब बस बलराज की गिरफ्तारी बची है। लेकिन, कई छापेमारी के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया है।
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