हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले शशिभूषण मनकोटिया को 3 साल कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाते हुए सत्र न्यायाधीश कांगड़ा स्थित धर्मशाला की ओर से उसे बरी करने वाले फैसले को पलट दिया है।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने सरकार की अपील को मंजूर करते हुए यह सजा सुनाई। मामले के अनुसार साल 2003 में शशिभूषण की शादी रीमा से हुई थी। कुछ समय तक वे लहरा गांव में रहे।
फिर नरवाना में किराये के मकान में रहने लगे। शादी के करीब एक वर्ष बाद शशि भूषण ने रीमा को शराब पीकर तंग करना शुरू कर दिया। शराब पीकर वह उससे मारपीट करने लगा। उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।