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पति की प्रताड़ना से तंग महिला ने दी जान, दोषी को तीन साल कैद

Thu, 28 Jul 2016 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले शशिभूषण मनकोटिया को 3 साल कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाते हुए सत्र न्यायाधीश कांगड़ा स्थित धर्मशाला की ओर से उसे बरी करने वाले फैसले को पलट दिया है।
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न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने सरकार की अपील को मंजूर करते हुए यह सजा सुनाई। मामले के अनुसार साल 2003 में शशिभूषण की शादी रीमा से हुई थी। कुछ समय तक वे लहरा गांव में रहे।

फिर नरवाना में किराये के मकान में रहने लगे। शादी के करीब एक वर्ष बाद शशि भूषण ने रीमा को शराब पीकर तंग करना शुरू कर दिया। शराब पीकर वह उससे मारपीट करने लगा। उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।
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महिला ने लगा लिया था फंदा

हिमाचल हाईकोर्ट
रोज-रोज के झगड़ों और मारपीट से तंग आकर रीमा ने 18 नवंबर, 2008 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रीमा के भाई संजय गुलेरिया ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। मामले की छानबीन के बाद अभियोजन चलाया गया।

सरकार ने दोष साबित करने के लिए सत्र न्यायाधीश कांगड़ा स्थित धर्मशाला के समक्ष 13 गवाह पेश किए, लेकिन निचली अदालत ने 24 अप्रैल, 2010 को शशिभूषण को बरी कर दिया था। सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। कोर्ट ने दोषी की मांग पर उसे धर्मशाला की जिला जेल में सजा काटने की इजाजत भी दे दी।
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