किराएदार बनकर रह रहे दो युवकों की ये करतूत पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे। दोनों ने मकानमालिक को लूटने के लिए बड़ी साजिश रची थी। फिलहाल दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की साजिश का भी पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस के अनुसार दोनों ने अपने ही मकानमालिक के बेटे को किडनैप कर दिया था। बाद में जब दोनों किडनैप आदित्य के परिजनों से फिरौती मांगने पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपियों में एक बालिग और एक आरोपी नाबालिग हैं।
दोनों सलासी के एक संस्थान के छात्र हैं। मध्यप्रदेश के स्थायी निवासी हैं। फिलहाल पुलिस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
पीजी बनकर रची साजिश
पुलिस के अनुसार दोनों किडनैप किए बच्चे के पिता के पीजी में दो साल से रह रहे थे। इसी दौरान पैसा ऐंठने के लिए इन्होंने मकानमालिक के बेटे की किडनेपिंग की साजिश रची।
16 फरवरी की शाम को आरोपी विजय तोमर निवासी मुरैना, मध्यप्रदेश और उसके नाबालिग साथी ने सलासी निवासी अशोक सोनी के बेटे आदित्य को किडनैप किया था। बाद में आदित्य को छोड़ने के बदले फिरौती मांग रहे थे।
शनिवार को आरोपियों ने आदित्य की रिहाई को दस लाख रुपये मांगे। अपहरणकर्ताओं ने फोन कर पैसे लेने के लिए समय और स्थान खुद बताने को कहा। इसकी भनक पुलिस को लग गई। गुप्तचर विभाग के पुलिस उप अधीक्षक विजय कुमार, एएसपी शमशेर सिंह, डीएसपी लालमन शर्मा के नेतृत्व में टीमें आरोपियों की धरपकड़ को रवाना हुईं।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
शनिवार रात करीब सवा 11 बजे विजय तोमर ने सलासी के पास निजी स्कूल के पास पैसे देने को कहा। कुछ देर बाद दोबारा फोन किया और पैसे अमरोह चौक में देने को कहा। पुलिस टीम ने सलासी स्थित निजी स्कूल के पास दोनों को दबोच लिया।
विजय तोमर से फिरौती की रकम मांगने को प्रयोग किए गए मोबाइल को भी बरामद कर लिया है। हालांकि, इनके पास किडनैप आदित्य नहीं मिला है। उधर, गुप्तचर शाखा शिमला के पुलिस उप अधीक्षक विजय कुमार शर्मा का कहना है कि दो आरोपियों को टीम ने गिरफ्तार किया है।
इन्हें रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से विजय तोमर को 11 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह ऊना भेजा गया है। जल्द किडनैप बच्चे का सुराग लगा लिया जाएगा।