सुबह चार बजे घूमने निकले कारोबारी ने अपनी दुकान के साथ लगती दुकानों की गैलरी में कुंडे से फंदा लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि इस व्यक्ति की माली हालत ठीक नहीं थी। ऊपर से बच्चों की एडमिशन को लेकर भी काफी परेशान था।
पुलिस को अंदेशा है कि इन सबसे तंग आकर उसने सुसाइड कर लिया है। उधर पुलिस को सुबह करीब छह बजे इसकी सूचना मिली। मौके पर पुलिस ने जाकर शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक यह घटना हिमाचल के थाना बद्दी के तहत गांव जुड्डीकलां की है। मृतक की पहचान तिलक राम पुत्र मोनी राम निवासी जांघी, तहसील एवं जिला चंबा के रूप में हुई है। वह बद्दी के तहत गांव जुड्डीकलां में करीब 10-12 वर्षों से करियाने की दुकान (खोखा) करता था और परिवार सहित रहता था।
बुधवार को सुबह करीब 4 बजे तिलक राम घर से घूमने के बहाने गया और अपनी दुकान के साथ में दुकानों की गैलरी में छत से फंदा लगा लिया। करीब 6 बजे जब तिलक राम की पत्नी उसे तलाशने आई तो उसने दुकानों की गैलरी के पास उसे लटका हुआ देखा।
लोगों ने उसे फंदे से उतारा और अस्पताल में पहुंचाया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डीएसपी बद्दी खजाना राम ने बताया कि पुलिस जांच में जुटी है कि तिलक राम ने आत्महत्या क्यों की लेकिन पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है वह आर्थिक तौर पर परेशान था। निजी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की फीस देने को लेकर भी परेशान रहता था।