शहर के नामी होटल मालिक को 33 लाख का चूना लगाने के मामले का मास्टर माइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। शुक्रवार को पकड़े गए आरोपी रामकुमार भारती (32) ने पुलिस जांच में बताया कि गिरोह के सात लोग इसमें शामिल हैं। ठगी का मास्टरमाइंड वह नहीं बल्कि कोई और ही व्यक्ति है।
पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी सालों पहले नौकरी के झांसे में आकार शातिरों के गिरोह के संपर्क में आया और इसमें शामिल हो गया। इसके बाद शातिरों ने आरोपी के दो अलग-अलग बैंकों में खाते खोले ताकि मास्टरमाइंड ठगी का पैसा विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर सके। गैंग में करीब सात लोग हैं जो आनलाइन ठगी को अंजाम देने का काम करते हैं।
पुलिस जांच में आरोपी ने कबूला कि 13 मार्च को मास्टरमाइंड ने उसके एक खाते में साढे़ नौ लाख रुपये जमा करने के बाद उसे फोन किया और बताया कि वह कल तक जमा हुए पैसे निकालकर उसे दे। आरोपी ने भी अगले दिन साढ़े नौ लाख का चेक मास्टरमाइंड को दे दिया। बदले में मास्टरमाइंड ने आरोपी को कमीशन दी। आरोपी ने बताया कि उसके दो खातों का रिकॉर्ड मास्टरमाइंड ऑपरेट करता है।
दोनों बैंकों में दर्ज मोबाइल नंबर भी मास्टर माइंड के पास ही हैं। पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के जिला गाजीपुर के मोहम्मदाबाद तहसील के बाराचोर गांव के इस आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार कर शिमला लाया था। शनिवार को अदालत ने आरोपी को 18 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब आरोपी से पूछताछ में कई खुलासे होने की उम्मीद है। इस वारदात में कई और आरोपियों के भी संलिप्त होने की संभावना है।
सवाल, जिनसे अब उठेगा पर्दा
आरोपी ने होटल मालिक का डुप्लीकेट नंबर लेने के लिए किस-किस से मदद ली? बैंक खाते संबंधी जानकारी कहां से मिली? होटल मालिक के खाते से चुराया पैसा आरोपी ने कहां खर्च किया? इन सब अनसुलझे सवालों को लेकर पुलिस पूछताछ की तैयारी कर रही है।