आईजीएमसी में शनिवार को डॉक्टर और तीमारदार के बीच फाइल को लेकर बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि डॉक्टर ने मरीज के तीमारदार को कॉलर से पकड़कर वार्ड से बाहर धकेल दिया। डॉक्टर के इस बर्ताव से वार्ड में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार काफी हैरान हुए।
मामला शनिवार करीब साढ़े नौ से पौने दस बजे के करीब का है। खलीणी के रहने वाले लेखराज के पिता का मेडिसन यूनिट में इलाज चल रहा था। उन्हें किडनी की समस्या है। तीन जून को अस्पताल में दाखिल किया था। लेखराज ने बताया कि शनिवार को रुटीन की तरह डॉक्टर मरीज को चेकअप करने के लिए आए।
इस बीच उनके मामा का लड़का वार्ड में था। उन्होंने बताया कि जब फाइल मांगी तो वह नहीं मिली। पता चला कि डॉक्टर फाइल को साथ ले गए हैं। इसके बाद तीमारदार फाइल लेने के लिए डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने फाइल न होने की बात कही।
लेखराज ने आरोप लगाया कि जब बात बढ़ी तो दोनों के बीच बहस हो गई। डॉक्टर ने तीमारदार को कॉलर से पकड़ लिया और वार्ड के बाहर धकेल दिया। इस दौरान डॉक्टर ने उनके साथ बदतमीजी की है। उधर, इस घटना के तुरंत बाद डॉक्टर की ओर से भी आईजीएमसी पुलिस पिकिट में इसकी सूचना की।
इसके बाद पिकिट से लक्कड़ बाजार चौकी में भी सूचना दी गई। वार्ड में पुलिस पहुंची जिसके बाद दोनों पक्षों की बात सुनी। जानकारी अनुसार दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत से मामला सुलझा लिया है।
डॉक्टर और तीमारदार की ओर से नहीं आई है शिकायत
डॉक्टर और तीमारदार के बीच वार्ड में बहस होने की सूचना तो मिली है लेकिन दोनों की ओर से लिखित में अभी तक शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो मामले का पता कर आगामी कार्रवाई की जाएंगी। - डॉ. राहुल रॉव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
कॉलर से नहीं सिर्फ बाहर निकाला तीमारदार
डॉक्टर अर्जुन ने बताया कि मरीज के तीमारदार को कॉलर से नहीं पकड़ा था। दुर्व्यवहार करने पर उसे बाहर निकाला। तीमारदार फाइल की बात पर गाली गलौज कर रहा था। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को भी सूचित किया।