करोड़ों की खरीद करने के बाद ये 28 अगस्त 2017 की रात को पराला मंडी से भाग गए। जब इस फर्म के मालिक से बात की गई तो वह आश्वासन देता रहा कि पैसा मिल जाएगा। करीब एक करोड़ रुपये लुटा चुके मदन शर्मा ने बताया कि वह पेमेंट लेने सीधे दिल्ली गए तो उनसे खरीदे सेब के बक्सों से भरे ट्रक इसी फर्म के बाहर खड़े थे, मगर खरीदे गए सेब के पैसे आज तक नहीं मिले।
इस ठगी की सूचना स्थानीय पुलिस को सितंबर में दे दी गई थी, मगर ठगी का मामला छह फरवरी को दर्ज हुआ। पुलिस की जांच संतोषजनक न होने के कारण ये बागवान और आढ़ती सीएम जयराम ठाकुर से मिले और उनसे सीआईडी जांच की मांग की।
सीएम जयराम ठाकुर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए डीजीपी एसआर मरडी को इसकी छानबीन सीआईडी को देने के आदेश दिए हैं। डीजीपी ने जांच अब सीआईडी की अपराध अन्वेषण शाखा के डीआईजी विनोद कुमार धवन कोे दी है।
डीजीपी के आदेश मिले हैं। उनसे इस मामले पर चर्चा की जा रही है। पुलिस महानिदेशक को केस सीआईडी को हस्तांतरित करने को लिख दिया गया है। ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच होगी। - डॉ. विनोद कुमार धवन, डीआईजी, सीआईडी (अपराध शाखा), हिमाचल प्रदेश