एक उद्योगपति को सुपारी लेकर गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हिमाचल के जिला ऊना में एडीजे-2 अमन सूद की अदालत ने औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर के एक उद्योगपति को सुपारी लेकर गोली मारकर हत्या करने के मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी संजय
पंडित ने बताया कि अदालत ने दोषी प्रदीप गुप्ता, अनिल कुमार सेठू, सुनील कुमार झरना, अरुण कुमार और राजीव कौशल को धारा 302, 120बी के तहत आजीवन कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माना, आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 27 के तहत 3 साल की कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माना, वहीं उद्योगपति को गोली मारने वाले राजीव कौशल को आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25 के तहत तीन साल कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। संजय
पंडित ने बताया कि 14 फरवरी 2013 को मैहतपुर स्थित जैन ऑयल मिल के बाहर मिल के मालिक विनोद जैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या मामले में पुलिस ने उद्योग के मैनेजर एवं उद्योगपति के रिश्तेदार प्रदीप गुप्ता और उसके चालक अनिल कुमार सेठू को हिरासत में लेकर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद चार और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। संजय पंडित
ने बताया कि पंजाब के फगवाड़ा निवासी उद्योगपति विनोद जैन की जम्मू और मैहतपुर में दो ऑयल मिल थीं। मैहतपुर मिल का काम उसका रिश्तेदार प्रदीप गुप्ता बतौर मैनेजर देख रहा था। मिल में सरसों का तेल निकालने के बाद जो भी खल बनती थी, उसकी सप्लाई दुकानों को की जाती थी, लेकिन प्रदीप गुप्ता ने उस खल के पैसे का कोई हिसाब नहीं दिया। इस कारण विनोद जैन पर लाखों रुपये का कर्जदार हो गया था।
विनोद जैन इन पैसों को लेकर प्रदीप से हिसाब मांग रहा था। इस पर प्रदीप ने विनोद की हत्या करने की योजना बनाई। प्रदीप ने अपने चालक बहडाला निवासी अनिल कुमार सेठू से बात की। सेठू ने बाथू निवासी अरुण कुमार और रक्कड़ कॉलोनी निवासी सुनील कुमार से संपर्क किया।
इसके बाद सभी ने मिल कर देहलां निवासी राजीव कौशल से मुलाकात कर पूरा प्लान तैयार किया। राजीव कौशल ने उत्तर प्रदेश के शामली जिला के इस्लामपुर निवासी नरेंद्र कुमार से संपर्क किया। नरेंद्र पर आरोप था कि उसी ने हत्या में प्रयोग किया गया देसी कट्टा उपलब्ध करवाया था। प्रदीप गुप्ता और अन्य दोषियों में उद्योगपति विनोद जैन की हत्या के लिए दो लाख रुपये में डील हुई।
विनोद जैन 14 फरवरी 2013 को अपनी पत्नी के साथ मिल में आए। जैसे ही विनोद जैन मिल से बाहर निकले, राजीव कौशल ने उन पर काफी नजदीक से गोली दाग दी। गोली लगने के कुछ ही देर बाद मौके पर ही विनोद जैन की मौत हो गई।
मिल के कर्मचारियों ने फौरन उसे नंगल स्थित अस्पताल में पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की आरंभिक जांच के दौरान की गई पूछताछ में ही प्रदीप गुप्ता और अनिल सेठू को पकड़ा। इसके बाद हत्या की पूरी कहानी का खुलासा हुआ था।
चरस रखने में दोषी को 10 साल की कैद
प्रदेश हाईकोर्ट ने साढ़े चार किलो चरस रखने में दोषी बाल कृष्ण निवासी चंबा को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने विशेष न्यायाधीश चंबा के फैसले को पलटते हुए प्रदेश सरकार की ओर से दायर अपील को मंजूर किया।
मामले के अनुसार 28 जनवरी 2010 को पुलिस ने चंबा में कोटी पुल के समीप संदेह के आधार पर तलाशी के दौरान दोषी बाल कृष्ण से 4 किलो 500 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोष साबित नहीं हो पाया था।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे स्वीकार किया। दोषी को पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने प्रदेश में बढ़ रहे मादक पदार्थों की तस्करी पर चिंता जताई और कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी एक घृणित अपराध है।