वन्यजीव अभ्यारण्य के पक्षी बाड़े से जंगली मुर्गे चोरी कर खाने वाले दो लोगों को अदालत ने तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। सीजेएम नाहन डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 457, 380, 34 और वाइल्ड लाइफ एक्ट की धारा 51 के तहत दोषी पाए जाने पर यह सजा सुनाई।
दोषी विनोद और रविंद्र निवासी कठमली, जामूकोटी (संगड़ाह) को 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। सहायक जिला न्यायवादी रुमिंद्र बैंस ने बताया कि 14 जुलाई, 2014 की रात को अज्ञात शातिरों ने वाइल्ड लाइफ रेंज रेणुकाजी में फिजेंट्री (पक्षी पालन एवं प्रजनन बाड़ा) का ताला काटकर दो मुर्गे और 6 मुर्गियां चुरा ली थीं।
वन्य प्राणी विभाग में परिक्षेत्राधिकारी ने 15 जुलाई को पुलिस थाना रेणुकाजी में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में बताया कि रात के समय अज्ञात शातिरों ने गेट नंबर एक पर फिजेंट्री का ताला काटकर मुर्गे चोरी किए। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल की।
कैमरे की मदद से आरोपी रविंद्र की पहचान हो गई। हिरासत में लेने के बाद आरोपियों ने गुनाह भी कबूल कर लिया। इस पर रेणुका पुलिस ने तफ्तीश पूरी कर चालान अदालत में पेश किया। बुधवार को सीजेएम की अदालत ने तमाम साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों को यह सजा सुनाई।