रामपुर स्थित किन्नौर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीएस सम्याल ने शनिवार को तीन लोगों को हत्या के मामले में कठोर आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का नकद जुर्माना किया है। दोषी हरि राम बहादुर, पुत्र गुमान, गीता पत्नी हरि राम बहादुर और किशन पुत्र गिरी राज गांव मुखलाअंचल, पुलिस स्टेशन लूबाम, नेपाल के रहने वाले हैं।
अगर ये तीनों पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना अदा नहीं करेंगे तो इनको एक साल का अतिरिक्त कारावास किया जाएगा। जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीएस सम्याल ने यह फैसला सुनाया है। उल्लेखनीय है कि 2 मई 2014 को कुल्लू जिले के दलाश के बागवान भगवान प्रकाश ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि नारायण बहादुर और अन्य साथी उसके बगीचे में मजदूरी करते थे।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
उसे पता चला कि उसके बगीचे के साथ लगती एक शराब की दुकान के पास लाश बरामद हुई है, जो कि नारायण बहादुर की थी। यह एक दिन पहले यानी एक मई 2014 को अन्य मजदूरों के साथ था। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर नंबर 47/2014, 2 मई 2014 को दर्ज की। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302/201/34 के तहत आनी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और पाया कि हरि बहादुर के मृतक नारायण बहादुर की पत्नी गीता के साथ अवैध संबंध थे।
इसके बाद हरि बहादुर, कृष्ण बहादुर ने मिलकर नारायण बहादुर को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के इस मामले में गीता भी संलिप्त पाई गई। इस मामले की छानबीन एएसआई दिलू राम ने की और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस मामले में ट्रायल के दौरान कुल 16 गवाहों को पेश किया गया।