राजधानी शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की जाली डिग्रियां बनाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। शिमला सदर पुलिस ने नाहन के एक अधिवक्ता की सूचना पर ग्राहक बनकर तीन आरोपियों को रात पौने दस बजे लिफ्ट के पास गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से एचपीयू की ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की तीन जाली डिग्रियां भी बरामद हुई हैं। बताया जा रहा है कि एक डिग्री को 20 से 25 हजार रुपये में बेचा जाता था। तीनों आरोपी ठियोग के रहने वाले हैं।
पुलिस आरोपियों को थाने ले गई है। उनसे पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि वे इन जाली डिग्रियों को कहां बनाते हैं और अब तक किन-किन को दे चुके हैं। इसके पीछे बड़े गिरोह की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
नाहन के एक अधिवक्ता को जाली डिग्री की सूचना मिली। उसने शिमला सदर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने अधिवक्ता के साथ मिलकर गिरोह को पकड़ने की योजना बनाई। गिरोह के आरोपियों को तीन युवकों की जाली डिग्रियां बनाने को कहा और सौदा तय किया। आरोपियों को लिफ्ट के पास पार्किंग में बुलाया।
यहां पुलिस पहले ही तैयार थी और तीन डिग्रियों के साथ पैसा लेते रंगे हाथ दबोच लिया। सदर थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने सब इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में टीम गठित की और गिरोह का पर्दाफाश कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। डीएसपी पुलिस हेड क्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने इसकी पुष्टि की है।