हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट का फैसला पलटते हुए दोषी को 20 साल का कठोर कारावास व 5 लाख जुर्माने की सजा सुनायी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 2 किलो चरस व डेढ़ किलो अफीम रखने का आरोपी रमेश को दोषी ठहराते हुए उसे 20 साल के कठोर कारावास व 5 लाख के जुर्माने की सजा सुनायी हैं।
न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने विशेष न्यायाधीश किन्नौर कैंप रामपुर के फैसले को पलटते हुए यह आदेश जारी किये। मामले के अनुसार 2 जून 2006 को रामपुर के पास कोठी में पुलिस ने गश्त के दौरान दोषियों की गाड़ी से 2 किलो 100 ग्राम चरस व 1 किलो 500 ग्राम अफीम बरामद की। मामला दर्ज होने पर दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के
तहत विशेष जज किन्नौर कैंप रामपुर के समक्ष मुकद्दमा चलाया गया। 9 गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोषी का दोष साबित नहीं कर पाया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने चरस रखने का दोषी ठहराते हुए दोषियों को सजा का फैसला सुनाया।
चरस रखने पर दस साल कैद
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू जिला के मनाली में 900 ग्राम चरस और 2 ग्राम ब्राउन शूगर के साथ पकड़े 39 वर्षीय मेहर चंद को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने विशेष न्यायाधीश कुल्लू के फैसले को पलटते हुए यह सजा सुनाई है।