फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में दर्दनाक हादसा, 24 छात्र छात्राएं बहे

Mon, 09 Jun 2014 11:45 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
कुल्लू और मंडी के बीच 126 मेगावाट के लारजी हाइड्रो इलेक्ट्रिकल पावर प्रोजेक्ट के डैम से रविवार शाम को अचानक पानी छोड़ने के कारण मनाली घूमने जा रहे करीब दो दर्जन छात्र-छात्राओं के ब्यास नदी में बहने की आशंका है।
विज्ञापन

पढ़ें, खौफनाक मंजर : आंखों के सामने बहे साथी
हैदराबाद के वीएनआर विज्ञान ज्योति इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के ये बच्चे मनाली घूमने जा रहे थे। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

बिना सायरन बजाए डैम से पानी छोड़ने से गुस्साए स्थानीय लोगों ने थलौट के पास सारानाल में नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देर रात तक राहत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

मौके पर पहुंची पुलिस

देर शाम मिली जानकारी के अनुसार दो बसों में सवार हैदराबाद के वीएनआर विज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेकभनालॉजी के छात्र-छात्राओं का दल मनाली घूमने जा रहा था। ग्रुप में 55 छात्र-छात्राएं शामिल थे।

रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दो टाटा एसी बसों यूपी 65-बीटी-4068 व यूपी 65-बीटी-5872 में सवार स्टूडेंट थलौट के करीब खारानाल के पास रुके और मौज मस्ती व फोटोग्राफी के लिए ब्यास नदी के किनारे चले गए। तब नदी का पानी शांत था। इसी दौरान अचानक लारजी डैम के चैनलों से पानी छोड़ दिया गया।

ब्यास नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदी के किनारे मौजूद करीब दो दर्जन स्टूडेंट पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। घूमने आईं कुल 13 लड़कियों में छह लापता हैं, जबकि 31 लड़कों में 18 का कोई पता नहीं लग पा रहा है।

स्टूडेंट्स, टीचर्स का रो-रो कर बुरा हाल

सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से एडीएम मंडी पंकज राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुलदीप राणा मौके पर पहुंचे गए। इस हादसे से सभी स्टूडेंट से सहमे हुए हैं। स्टूडेंटों के साथ आए टीचरों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रुप के कुक ने बताया कि हैदराबाद से घूमने के लिए मनाली जा रहे थे। ग्रुप में कुल 44 लड़के व लड़कियां थे।

उपायुक्त देवेश कुमार ने बताया कि लारजी डैम से पानी छोड़ने के कारण व्यास नदी में हैदराबाद के स्टूडेंट के बहने की आशंका है। उन्होंने बताया कि एडीएम पंकज राय को मौके पर भेजा गया है।

प्रशासन के पास 24 छात्र-छात्राओं के मिसिंग की सूचना है। यह संख्या कम भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कई बार डैम का जलस्तर बढ़ने पर प्रोजेक्ट प्रबंधन अपनी मर्जी से भी पानी छोड़ देता है। इसकी जांच की जाएगी।

हैदराबाद में जाना-माना संस्थान है वीएनआर

जिस संस्थान के लारजी में बहे विद्यार्थी थे, वह हैदराबाद में है। हैदराबाद का यह वीएनआर विज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नोलॉजी एक स्वायत्त संस्थान है। इसे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं संबद्धता परिषद (नैक) से ‘ए ग्रेड’ कीमान्यता है।

राष्ट्रीय संबद्धता बोर्ड (एनबीए) से भी मान्यता मिली हुई है। यह बच्चुपल्ली निजामपेत हैदराबाद में स्थित है। इस संस्थान को वर्ष 1995 में स्थापित किया गया था। इसकी जवाहर लाल नेहरू तकनीकी विश्वविद्यालय हैदराबाद से संबद्धता है।

इस संस्थान का दावा है कि इसके विद्यार्थी बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज पर जा रहे हैं। इसमें सिविल मैकेनिकल इंजीनियरिंग सहित तमाम तरह के कोर्स करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

यात्री का फोन आया - मंत्री जी! पानी में बह गए बच्चे

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने मंडी में लारजी डैम पर पानी छोड़े जाने के बाद इसके लिए जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

बाली ने कहा कि उन्हें खुद एचआरटीसी की एक बस के यात्री का फोन आया कि हैदराबाद से आई एक बस से बड़ी संख्या में बच्चे नदी में उतरे।

बस ऊपर सड़क पर खड़ी की गई। यह घोर लापरवाही है। उन्होंने खुद मंडी जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की है। उन्होंने इसे बेहद दु:खद बताया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें