मनाली में दिल्ली की महिला टूरिस्ट के ट्रैफिक पुलिस कर्मी को थप्पड़ जड़ने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि शनिवार को हिल्स क्वीन शिमला में चंडीगढ़ की महिला टूरिस्ट ट्रैफिक पुलिस कर्मी से उलझ गईं। शनिवार को दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे लिफ्ट कार पार्किंग के बाहर तैनात पुलिस कर्मी ने हाईकोर्ट की ओर से आ रही गाड़ी को निकालने के लिए लिफ्ट की ओर से आ रही चंडीगढ़ नंबर की कार को रुकने का इशारा किया।
लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी, जिससे सड़क जाम हो गई। इसके बाद यहां तैनात पुलिस कांस्टेबल ने चंडीगढ़ नंबर की गाड़ी के चालक से ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की आरसी मांगी। चालक लिफ्ट पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने चला गया और गाड़ी में सवार दो महिलाएं वहां उतर कर बीच सड़क पर कांस्टेबल से उलझ गईं। महिलाओं का कहना था कि ‘शिमला पूरी तरह मिस मैनेजड है, यहां न तो पार्किंग है न ही कोई साइन बोर्ड है। पुलिस कांस्टेबल भी अपनी ड्यूटी सही से नहीं करते।’
मौके पर मौजूद लोगों ने अपने फोन में महिलाओं की वीडियो बना ली। इस दौरान ट्रैफिक जाम हो गया और वाहनों की कतार में एक 108 एंबुलेंस भी फंस गईं। ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात कांस्टेबल के बार-बार समझाने पर भी जब महिला टूरिस्ट नहीं मानी तो मौके पर बाइक राइडर आईओ को बुलाया गया।
आईओ ने महिलाओं, ट्रैफिक कांस्टेबल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। कार्ट रोड पर लगे जाम में एंबुलेंस करीब 25 मिनट फंसी रहीं। जाम में फंसी एंबुलेंस के चालक ने हॉर्न बजाकर कतार से आगे निकलने का प्रयास किया लेकिन सड़क के दोनों ओर वाहन फंसे होने के कारण आगे नहीं निकल पाया।
पुलिस अधीक्षक के आदेशों पर लिफ्ट कार पार्किंग के बाहर तैनात पुलिस कांस्टेबल के लिए बॉडी कैमरा पहनाना अनिवार्य किया है। बावजूद इसके शनिवार दोपहर बाद जब यह हंगामा हुआ कांस्टेबल ने बॉडी कैमरा नहीं पहन रखा था।
कैमरे का एसडी कार्ड फुल होने के बाद इसे शुक्रवार शाम ही ट्रैफिक कंट्रोल रूम में जमा करवा दिया था। कांस्टेबल ने यदि बॉडी कैमरा पहना होता तो पुलिस के पास कार्यवाही के लिए पूरे मामले की रिकार्डिंग उपलब्ध होती।
लिफ्ट कार पार्किंग में गाड़ी लगाने को लेकर विवाद हुआ था। आईओ को मौके पर भेजाथा। मामला सुलझा लिया है। बैटरी खत्म होने के कारण कांस्टेबल ने बॉडी कैमरा नहीं पहन रखा था। सुनिश्चित किया जाएगा की इस प्वाइंट पर ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल बॉडी कैमरे से लैस हो।
- गोपाल वर्मा, डीएसपी ट्रैफिक, शिमला