न्यायाधीश प्रेम पाल रांटा की अदालत ने चरस रखने के आरोप सिद्ध होने पर एक दोषी को दस साल की कैद की सजा सुनाई है। दोषी को कोर्ट ने एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने के भी आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि पिछले साल 22 अप्रैल को राजस्थान के गथवारी निवासी हरि नारायण को एएसआई राजेश कुमार ने ढाई किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था।
आरोपी पंजाब रोडवेज की बस में मनाली से चंडीगढ़ की ओर जा रहा था। बजौरा नाका पर पुलिस टीम ने बस की तलाशी ली। इस दौरान बस में बैठा हरिनायारण हड़बड़ा गया। शक होने पर उसकी गोद में रखे बैग की तलाशी ली गई।
बैग से चरस के तीन गोले बरामद हुए। बस चालक और परिचालक के सामने बैग से चरस को निकाल कर तोला गया। चरस ढाई किलो निकली। बाद में कोर्ट में चालान पेश किया गया। आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने उसे दस साल की सजा का एलान कर दिया।