हिमाचल हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले 65 वर्षीय ससुर रतन लाल, 62 वर्षीय सास सावित्री देवी और 35 वर्षीय पति सुनील दत्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए सभी दोषियों को कोर्ट से कंडा जेल भेज दिया। मामले के अनुसार सुनील दत्त की शादी 17 अप्रैल 2008 को वीना देवी से हुई थी।
बिलासपुर जिला के गांव लढयाना के रहने वाले दोषी शादी के बाद से ही वीना को दहेज के लिए तंग करने लगे। दहेज लोभियों से तंग आकर वीना ने 13 जुलाई को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मामला दर्ज होने के बाद तीनों दोषियों के खिलाफ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर स्थित घुमारवीं के समक्ष मुकदमा चलाया गया। दोष साबित करने के लिए 18 गवाह पेश किए गए।
निचली अदालत में दोष साबित करने में नाकाम सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का विश्लेषण करने पर पाया कि तीनों ने मिलकर वीना देवी को मरने के लिए विवश किया। इतना ही नहीं, दोषी दहेज के लिए वीना देवी से मारपीट भी किया करते थे और मौत के समय वीना देवी के शरीर पर 25 घावों के निशान पाए गए थे।