सामाजिक कल्याण विभाग से जुड़ी विभिन्न पेंशन योजनाओं के 1.40 करोड़ गोलमाल केस में पुलिस ने धोखाधाड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि 2012 से लेकर 2017 तक जोगिंद्रनगर में संबंधित विभाग की पेंशन कागजों में तो जारी कर दी, लेकिन लाभान्वितों को यह नहीं मिली।
एफआईआर दर्ज होने के बाद विभाग में हडकंप मचा हुआ है। जांच के दायरे में विभाग के कई तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी आ रहे हैं। डीएसपी मदनकांत शर्मा ने बताया कि यह एफआईआर निदेशक समाज कल्याण विभाग के आदेशों के बाद जिला कल्याण अधिकारी मंडी ने करवाई। जिला कल्याण अधिकारी लेख राज वैद्य ने कहा कि निदेशक के निर्देशों पर एफआईआर करवाई है।