पुलिस की लापरवाही से वन कटान के आरोपी को कुछ ग्रामीण और महिलाएं वन विभाग के कब्जे से जबरन छुड़ा ले गए। खुद डीएफओ के बार बार कॉल करने के बावजूद पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंची। विभाग की टीम कुल्लू के पहनाला से 2 किलोमीटर पीछे नाका लगाकर बैठी थी।
इस दौरान शनिवार रात करीब 11:00 बजे तीन लोग अंधेरे में जंगल की तरफ से लकड़ी के स्लीपर लेकर आ रहे थे। इनमें से एक आरोपी को टीम ने धर दबोचा, जबकि दो भागने में कामयाब रहे। डीएफओ पार्वती डिविजन हीरालाल ने पुलिस के 100 नंबर पर अपने मोबाइल फोन से डायल कर पुलिस से मदद मांगी।
करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची तो डीएफओ ने दोबारा कॉल की लेकिन इस बार पुलिस की और से वाहनों की उपलब्धता नहीं होने का हवाला दिया गया। डीएफओ हीरालाल का कहना है कि पुलिस की इस तरह की संवेदनहीनता से वन माफिया के हौसले बुलंद हैं। उधर, एसपी कुल्लू पदमचंद ने माना कि चूक हुई है। मामले पर जांच बैठा दी गई है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।