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Shimla News: अवैध निर्माण पर बिजली कनेक्शन काटने गई बोर्ड की टीम को भगाया

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ब्रह्म समाज ट्रस्ट भूमि विवाद मामला : हाईकोर्ट ने बिजली, पानी काटने के दिए हैं आदेश
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पुलिस की मौजूदगी में आज कटेगा कनेक्शन
शिमला। राजधानी में हिमालयन ब्रह्म समाज ट्रस्ट के जमीन विवाद मामला पेंचिदा होता जा रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को ट्रस्ट के परिसर में अवैध निर्माण से बिजली कनेक्शन काटने गई बिजली बोर्ड की टीम के साथ लोगों का विवाद हो गया।
यहां पर अवैध निर्माण कर रहे लोगों ने बिजली बोर्ड के लाइनमैन सहित तीन कर्मियों को बिजली मीटर नहीं उतारने दिए। कर्मचारी बिना बिजली मीटर कनेक्शन काटे लौट गए। उच्च न्यायालय ने नगर निगम शिमला को हिमालयन ब्रह्म समाज ट्रस्ट परिसर में अवैध निर्माण करके रह रहे लोगों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए हैं। नगर निगम के आर्किटेक्चर प्लानर ने बिजली बोर्ड को 24 घंटे में कनेक्शन काटने के निर्देश दिए।
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यहां करीब 4 बिजली कनेक्शन काटने थे। शुक्रवार को विद्युत उपमंडल ईदगाह से कर्मचारियों की टीम बिजली कनेक्शन काटने गई थी, लेकिन वहां रह रहे लोगों ने कर्मचारियों से बदसलूकी कर भगा दिया। बोर्ड के अधिकारी के मुताबिक इस बाबत पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त और सहायक अभियंता से शिकायत की है। कर्मचारियों ने बदसलूकी का भी आरोप लगाया है। अब शनिवार को बोर्ड की टीम पुलिस की मदद से बिजली कनेक्शन को हटाने की तैयारी में है। हिमालय ब्रह्म समाज के महासचिव ललित ने बताया कि हिमालयन ब्रह्म समाज में रह रहे लोगों के अवैध निर्माण को उच्च न्यायालय ने तोड़ने के आदेश
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दिया है। संवाद

यह है मामला
साल 2023 में विशाल शर्मा, धर्मपाल ठाकुर और मेला राम संगरोली ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। जिलाधीश ने अपने फैसले में इन याचिकाकर्ताओं पर झूठे बयान देने (कागजात प्रस्तुत करने) और गलत तरीके से स्वयं को ट्रस्टी घोषित करने (ट्रस्ट के रूप में झूठा प्रतिरूपण) के लिए मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं। जिलाधीश शिमला के पारित आदेश के मुताबिक याचिकाकर्ताओं ने फर्जी तरीके से ट्रस्ट के कागजों को हथिया कर स्वयं घोषित ट्रस्टी बनकर याचिका दायर की थी। तीन लोगों ने साथ मिलकर हिमालय ब्रह्मो समाज मंदिर ट्रस्ट शिमला के नाम से फर्जी संस्था बना ली थी। इस ट्रस्ट की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कर कुछ भूमि हड़प ली। इसकी जांच पूरी करने के बाद जिलाधीश ने कानूनी कार्यवाही करने के आदेश दिए थे।
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