नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा के रणजी क्रिकेटर सिद्धार्थ भारद्वाज की वडोदरा में हुई मौत पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मौत की असली वजह का पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार को दोपहर करीब 12:00 बजे सिद्धार्थ का शव बसदेहडा पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। शुक्रवार को दोपहर करीब 2:00 बजे इस उभरते सितारे का विभोर के सतलुज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। युवा क्रिकेटर की मां शशि और पिता प्रवीण भारद्वाज इस घटना से टूट गए हैं। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि पूरी तरह से फिट युवा नौजवान क्रिकेटर सिद्धार्थ को अचानक ऐसा क्या हुआ कि उनके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया।
ताया श्याम भारद्वाज ने बताया कि सिद्धार्थ इस बात को लेकर कई दिनों से बेचैन था कि उसे आगे बढ़ने का अवसर नहीं दिया जा रहा। मृतक सिद्धार्थ के परिजनों का कहना है कि उनके बेटे के खिलाफ साजिश हुई है। परिजन सिद्धार्थ की शादी पर विचार कर रहे थे। हालांकि शादी तय नहीं हुई थी। मृतक सिद्धार्थ के परिजनों का कहना है कि क्रिकेट का जुनून बचपन से ही था और वह इस मुकाम पर अपने दम पर पहुंचा। खबर को सुनकर कनाडा से लौटे उनके छोटे भाई सिद्धांत ने शव को मुखाग्नि दी।
खिलाड़ी के चोटिल होने पर हुआ विजय हजारे क्रिकेट ट्रॉफी में चयन
प्रदेश क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव सुमित शर्मा ने बताया कि गेंदबाज सिद्धार्थ भारद्वाज का आकस्मिक निधन दुखदायी है। उन्होंने सिद्धार्थ भारद्वाज को एक खिलाड़ी के चोटिल होने पर विजय हजारे क्रिकेट ट्रॉफी में खेलने का मौका दिया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सुमित शर्मा के अनुसार विजय हजारे ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था।