शिमला। राजधानी की विशेष अदालत ने 1.120 किलोग्राम चिट्टा बरामदगी मामले में जब्त गाड़ी को अंतरिम हिरासत में छोड़ने की अर्जी खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने आवेदन को विचारणीय न मानते हुए यह फैसला सुनाया। मामला बालूगंज पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस जांच के मुताबिक इस गाड़ी के माध्यम से पंजाब के तरनतारन से चिट्टे की तस्करी की जा रही थी। पंजाब निवासी हरसिमरन कौर ने अपने एसपीए (स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी धारक) रघुबीर सिंह के माध्यम से अदालत में याचिका दायर कर जब्त गाड़ी को छोड़ने की मांग की थी। अर्जी में दलील दी थी कि आवेदक का इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं है। लंबे समय से थाने में खुले में खड़े रहने के कारण वाहन की हालत खराब हो रही है। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पाया कि अर्जी में वाहन को 6 अप्रैल 2026 को ही एसपीए धारक को बेचे जाने का उल्लेख किया है। अदालत ने टिप्पणी की कि जब वाहन पहले ही बेचा जा चुका था तो आवेदक द्वारा 30 सितंबर 2026 को इसके संबंध में पावर ऑफ अटॉर्नी जारी करने के अधिकार पर सवाल उठता है। संवाद