शिमला। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (कोर्ट नंबर-3) शिमला, मनु प्रिंजा की अदालत ने 60 ग्राम चरस बरामदगी से जुड़े मामले में आरोपी अजाज अली को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 22 अगस्त 2020 की शाम न्यू शिमला पुलिस की गश्त टीम ने बीसीएस/तारादेवी मंदिर के समीप शक के आधार पर उत्तर प्रदेश निवासी एजाज अली को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके बैग से 60 ग्राम चरस बरामद होने का दावा करते हुए थाना न्यू शिमला में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मौके पर मौजूद चारों मुख्य पुलिस गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास था। पुलिस टीम के थाने से निकलने का समय, गश्त का रूट, आरोपी को पकड़ने की सही जगह और दूरी को लेकर गवाह एकमत नहीं दिखे। इसके अलावा स्वतंत्र गवाह को शामिल न करने, मौके की तस्वीरों से घटनास्थल स्पष्ट न होने, सीलिंग प्रक्रिया और स्पेसिमेन सील के गुम होने को लेकर भी पुलिस की कार्रवाई में गंभीर खामियां सामने आईं। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के कब्जे से चरस की बरामदगी को बिना किसी संदेह के साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। अदालत ने आरोपी को राहत देते हुए आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। संवाद