शिमला। चिट्टे के मामले में आरोप साबित न हो पाने पर अदालत ने उपमंडल रामपुर निवासी शशांक शैली (28) को बरी कर दिया है। यह मामला राजधानी के बालूगंज थाना क्षेत्र में 13 मार्च, 2019 में पंजीकृत किया गया था। पुलिस टीम आईएसबीटी टूटीकंडी क्षेत्र में गश्त कर रही थी। आरोप लगे थे कि रात 12.25 बजे टीम ने टूटीकंडी बाइफरकेशन के पास तलाशी के दौरान शशांक शैली के कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 21 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। मामले को साबित करने के लिए पुलिस सहित 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पर्याप्त सबूत न होने के कारण विशेष न्यायाधीश ने आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने पर दंडनीय अपराध के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अभियोजन पक्ष सबसे पहले यह साबित करने में विफल रहा कि कथित प्रतिबंधित सामग्री अभियुक्त के कब्जे से बरामद की गई थी। दूसरा अभियुक्त के खिलाफ सभी उचित संदेह से परे आरोप साबित करने में विफल रहे हैं। उसके जमानत बांड रद्द किए जाते हैं। संवाद