शिमला। राजधानी की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने मारपीट, धमकी और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी दंपती को बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास और मेडिकल रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि नहीं होने के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामला सदर थाना क्षेत्र का है। यहां 14 सितंबर 2025 को कपड़े सुखाने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ था। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप था कि ऊपरी मंजिल पर रहने वाली आरोपी महिला ने बालकनी में सुखाए कपड़ों पर पानी फेंक दिया। इसका विरोध करने पर घर में घुसकर बाल खींचकर मारपीट की गई, जिससे सिर और नाक पर चोटें आईं। आरोप लगाया था कि आरोपी महिला के पति ने 12 वर्षीय बच्ची और उसकी मां के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, उन्हें धमकी दी और छेड़छाड़ की। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। इस आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दे दिया। संवाद