शिमला। चरस तस्करी के मामले में अदालत ने दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई) शिमला की अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामला वर्ष 2020 का है जब 23 जुलाई को ठियोग क्षेत्र में पुलिस ने सूचना के आधार पर केशवानंद निवासी राजगढ़ सिरमौर को 294 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्जकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की और समयबद्ध आरोपपत्र अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने प्रभावी तरीके से मामले की पैरवी की और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत के समक्ष पेश किया। इस आधार पर 2 सितंबर को अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद केशवानंद को दोषी करार देते हुए तीन साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ब्यूरो